Dhanbad के भूली क्षेत्र में नगर निगम के स्वच्छता दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। वार्ड संख्या 16 के बी-ब्लॉक स्थित शिव मंदिर और भूली स्कूल के पीछे नदी किनारे का इलाका कचरे के ढेर में तब्दील हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों का जीवन दूभर हो गया है।
कई वार्डों का कचरा एक ही जगह
स्थानीय लोगों के अनुसार, वार्ड 15, 16, 17 और 18 का कचरा इसी स्थान पर डंप किया जा रहा है। प्लास्टिक, घरेलू और सड़ा-गला कचरा चारों ओर फैला हुआ है, जिससे आसपास के जल स्रोत भी प्रदूषित हो रहे हैं।
दुर्गंध से जीना मुश्किल
इलाके में बदबू इतनी तेज है कि लोगों को घरों की खिड़कियां बंद रखनी पड़ रही हैं। मच्छरों की संख्या बढ़ने से डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
बच्चों और श्रद्धालुओं पर असर
कचरा स्थल के पास स्कूल और मंदिर होने के कारण बच्चों और श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
निगम पर लापरवाही का आरोप
स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने नगर निगम पर कचरा प्रबंधन में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि फॉगिंग और सफाई जैसी जरूरी सेवाएं सभी वार्डों में समान रूप से नहीं दी जा रही हैं।
बारिश में बढ़ेगा खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक, बारिश के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो सकती है, क्योंकि कचरे से निकलने वाला दूषित पानी जमीन में रिसकर भूजल को भी प्रदूषित कर सकता है। इससे अस्थमा, त्वचा रोग और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन से डंपिंग साइट हटाने की मांग की, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।














