धनबाद: MMDR संशोधन विधेयक को लेकर झामुमो गोविंदपुर प्रखंड समिति की ओर से शनिवार को प्रखंड कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताया।
MMDR संशोधन विधेयक, 2026 संसद के दोनों सदनों से अगस्त में पारित हो चुका है। PRS के अनुसार, संशोधन में केंद्र सरकार को खनिज-युक्त भूमि के नियमन की शक्ति देने और राज्यों द्वारा कुछ प्रकार के खनिज संबंधी कर/लेवी लगाने पर सीमाएं तय करने का प्रावधान है। वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि संशोधन राज्यों के भूमि और खनिज संबंधी अधिकारों को समाप्त नहीं करता और खनिजों से मिलने वाले अधिकांश कर एवं वैधानिक भुगतान राज्यों को ही मिलते रहेंगे।
धरना की अध्यक्षता झामुमो प्रखंड अध्यक्ष मिराज अंसारी ने की, जबकि संचालन प्रखंड सचिव मनजुड़ा मरांडी ने किया। कार्यक्रम में धनबाद जिला सचिव मन्नू आलम, केंद्रीय सदस्य तस्लीम अंसारी, जिला प्रवक्ता समीर रवानी, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष मुन्ना साह समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और गोविंदपुर प्रखंड सह सचिव अताउल्लाह अंसारी की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर की गई।
धरना को संबोधित करते हुए झामुमो नेताओं ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और खनन से जुड़े रोजगार, विस्थापन, पुनर्वास तथा स्थानीय विकास के मुद्दों पर राज्य के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से पंचायत और गांव स्तर पर लोगों को विधेयक के संभावित प्रभावों की जानकारी देने की अपील की।
धरना के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने विधेयक के प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग की और कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी।
















