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कतरास में भू-धंसान को लेकर आक्रोश, मशाल जुलूस निकालकर जताया विरोध

JP Bharat Shareधनबाद: कतरास कोयलांचल में लगातार सामने आ रही भू-धंसान की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर रविवार को कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले मशाल जुलूस निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान भू-धंसान और कथित अवैध खनन के मुद्दे पर नारेबाजी की गई। इसके…

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धनबाद: कतरास कोयलांचल में लगातार सामने आ रही भू-धंसान की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर रविवार को कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले मशाल जुलूस निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान भू-धंसान और कथित अवैध खनन के मुद्दे पर नारेबाजी की गई। इसके बाद DGMS और कोयला मंत्री का पुतला दहन कर विरोध जताया गया।

मशाल जुलूस की शुरुआत कतरास बस स्टैंड से हुई, जो बाजार क्षेत्र तक पहुंचा। हाथों में मशाल लेकर प्रदर्शनकारियों ने भू-धंसान की घटनाओं को लेकर अपनी चिंता और नाराजगी जाहिर की।

मोर्चा के सदस्यों का आरोप है कि क्षेत्र में भू-धंसान की समस्या के पीछे पुराने भूमिगत खनन के साथ कुछ स्थानों पर कथित अवैध खनन भी कारण हो सकता है। प्रदर्शनकारियों ने लकड़का, आकाशकिनारी और कांटापहाड़ी समेत कई क्षेत्रों में जमीन के नीचे की स्थिति को लेकर चिंता जताई।

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, भू-धंसान प्रभावित कुछ इलाकों में BCCL की ओर से बालू भराई और नोटिस जैसी कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, मोर्चा की मांग है कि प्रभावित क्षेत्रों का वैज्ञानिक और तकनीकी सर्वे कराया जाए, ताकि जमीन के नीचे मौजूद संभावित खतरे का सही आकलन किया जा सके।

मशाल जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “भू-धंसान रोको, कतरास बचाओ”, “कतरास को उजड़ने मत दो” और “विनाश नहीं, विकास चाहिए” जैसे नारे लगाए। साथ ही DGMS से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक कार्रवाई और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।

मोर्चा ने कोयला मंत्री और संबंधित अधिकारियों से प्रभावित इलाकों की तकनीकी जांच कराने, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और जरूरत पड़ने पर पुनर्वास को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है। भू-धंसान की घटनाओं के बीच स्थानीय लोगों के सामने घर, जमीन और सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।


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