धनबाद: पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईआईटी आईएसएम धनबाद के 20 प्रशिक्षुओं ने भेलाटांड़ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का शैक्षणिक भ्रमण किया। शुक्रवार, 16 अक्टूबर को आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं ने पानी को शुद्ध करने की प्रक्रिया और उससे निकलने वाले अवशिष्ट पदार्थों के वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी हासिल की।
यह भ्रमण ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत संचालित ‘वेस्ट ऑप्टिमाइजेशन प्रोफेशनल’ सर्टिफिकेट कोर्स का हिस्सा था। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के पर्यावरण विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के ईआईएसीपी प्रोग्राम सेंटर की ओर से किया गया।
जल शोधन और स्लज प्रबंधन की मिली जानकारी
भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं ने जल शोधन संयंत्र की विभिन्न प्रक्रियाओं को करीब से समझा। उन्हें सेडिमेंटेशन के दौरान निकलने वाले स्लज और फिल्टर बैकवॉश से उत्पन्न अवशेषों के सुरक्षित प्रबंधन, उपचार, रिसाइक्लिंग और पर्यावरण के अनुकूल निस्तारण की जानकारी दी गई।
इस दौरान डॉ. जयदेव महतो ने रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रशिक्षुओं का मार्गदर्शन किया और कचरा प्रबंधन से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों तथा उनके समाधान पर जानकारी साझा की।
20 दिसंबर तक चलेगा प्रशिक्षण
तीन महीने का यह सर्टिफिकेट कोर्स 22 सितंबर को शुरू हुआ था और 20 दिसंबर तक चलेगा। इसमें ठोस कचरा, प्लास्टिक, जैव चिकित्सा अपशिष्ट, ई-कचरा और निर्माण एवं विध्वंस से निकलने वाले कचरे के प्रबंधन की जानकारी दी जा रही है। साथ ही, कचरे का पृथक्करण, रिसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे विषय भी पाठ्यक्रम में शामिल हैं।
इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में कुशल पेशेवर तैयार करना है। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण से प्रशिक्षुओं को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ वास्तविक परिस्थितियों में काम करने की समझ भी मिलती है।
















