धनबाद: दामोदर नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में खनन गतिविधियों से उत्पन्न पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन करने के उद्देश्य से झारखंड विधानसभा की विशेष समिति ने मंगलवार को विभिन्न ओवर बर्डन (ओबी) डंपिंग स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान समिति ने नदी के आसपास हो रही डंपिंग, प्रदूषण की स्थिति और स्थानीय लोगों पर पड़ रहे प्रभावों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान समिति के सदस्यों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से ओबी डंपिंग की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा मानकों के अनुपालन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे उपायों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। समिति ने यह भी जाना कि खनन क्षेत्रों से निकलने वाले ओवर बर्डन का निस्तारण किस प्रकार किया जा रहा है और उसका दामोदर नदी पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।
समिति ने दामोदर नदी एवं आसपास के इलाकों में संभावित प्रदूषण, मिट्टी कटाव और पर्यावरणीय जोखिमों का भी आकलन किया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा नदी संरक्षण को प्राथमिकता दी जाए।
इस दौरान समिति ने स्थानीय लोगों की शिकायतों और सुझावों को भी गंभीरता से सुना। ग्रामीणों ने नदी प्रदूषण, डंपिंग स्थलों से होने वाली समस्याओं और पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर अपनी चिंताएं समिति के समक्ष रखीं। समिति ने आश्वासन दिया कि सभी बिंदुओं की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाएंगे।
निरीक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं संबंधित क्षेत्र के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। समिति का उद्देश्य खनन गतिविधियों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रभावी सुझाव तैयार करना है।
















