धनबाद: धनबाद समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार के दौरान मानवता और संवेदनशील प्रशासन की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। तेतुलमारी थाना क्षेत्र की रहने वाली मासूम प्रीति कुमारी, जो लंबे समय से सुनने की समस्या से जूझ रही थी, अपने परिजनों के साथ मदद की आस लेकर जनता दरबार पहुंची थी। आर्थिक तंगी के कारण परिवार बच्ची के लिए आवश्यक हियरिंग एड (कान की मशीन) खरीदने में असमर्थ था।
जब यह मामला उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के संज्ञान में आया, तो उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीसी के निर्देश के बाद कुछ ही मिनटों में प्रीति को मौके पर ही हियरिंग एड उपलब्ध करा दी गई।
मशीन लगने के बाद जब प्रीति ने पहली बार स्पष्ट रूप से आसपास की आवाजें सुनीं, तो उसके चेहरे पर खुशी की जो मुस्कान दिखाई दी, उसने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया। जनता दरबार में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और आम लोगों ने इस भावुक पल को करीब से महसूस किया।
उपायुक्त ने केवल हियरिंग एड उपलब्ध कराने तक ही अपनी जिम्मेदारी सीमित नहीं रखी, बल्कि बच्ची के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसका दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने और दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी तत्काल शुरू कराने का निर्देश दिया। इससे प्रीति को भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने डीसी आदित्य रंजन की त्वरित और मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन की ऐसी संवेदनशीलता जरूरतमंद लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि प्रशासनिक पद केवल शासन-प्रशासन तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भी माध्यम है।
मासूम प्रीति की खामोश दुनिया में फिर से आवाजों की गूंज लौटाने वाली यह पहल धनबाद प्रशासन के मानवीय और जनहितकारी दृष्टिकोण का उत्कृष्ट उदाहरण बन गई है।
















