पूर्वी_टुंडी : धनबाद जिले के पूर्वी टुंडी प्रखंड अंतर्गत बामनबाद गांव में आयोजित ऐतिहासिक मां विपदतारिणी व्रत इस वर्ष भी श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि, संकटों से मुक्ति तथा मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की।
पूजा-अनुष्ठान का संचालन मुख्य पुरोहित पंडित विवेकानंद भट्टाचार्य, निरंजन भट्टाचार्य, तारकेश्वर भट्टाचार्य, नदियानंद भट्टाचार्य, प्रेमानंद भट्टाचार्य एवं बैद्यनाथ भट्टाचार्य के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। विशेष महाआरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तों के जयकारों से गूंज उठा।
विपदतारिणी व्रत में 13 अंक का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। परंपरा के अनुसार माता को 13 प्रकार के फल, 13 प्रकार के फूल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की गई। पूजा के समापन के बाद श्रद्धालुओं की कलाई पर 13 गांठों वाला पवित्र लाल रक्षा सूत्र बांधा गया। धार्मिक मान्यता है कि यह रक्षा सूत्र वर्षभर भक्तों को संकटों से सुरक्षित रखने का प्रतीक माना जाता है।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, मां विपदतारिणी अपने भक्तों को हर प्रकार की विपत्ति से रक्षा करती हैं। इसी विश्वास के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने पूजा में भाग लेकर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
भीषण गर्मी और उमस के बावजूद सुबह से देर शाम तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का वातावरण देखने को मिला तथा आयोजन शांतिपूर्ण और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ।
















