रांची : कांके-नगड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित रिम्स-2 परियोजना को लेकर स्थानीय रैयतों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। शनिवार को बड़ी संख्या में रैयत पारंपरिक हथियारों के साथ राजभवन पहुंचे और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और आजीविका से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिस भूमि पर रिम्स-2 के निर्माण की योजना बनाई गई है, उसका अधिग्रहण अभी पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि प्रभावित परिवारों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है और उनकी समस्याओं का समाधान भी नहीं किया गया है।
रैयतों ने कहा कि प्रस्तावित भूमि उपजाऊ कृषि क्षेत्र है, जिस पर सैकड़ों परिवारों की आजीविका निर्भर है। उनका कहना है कि यदि इस भूमि पर निर्माण कार्य किया गया तो कई परिवारों के सामने रोज़गार और जीवनयापन का संकट उत्पन्न हो सकता है।
प्रदर्शन के दौरान रैयतों ने स्पष्ट किया कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उनकी मांग है कि रिम्स-2 का निर्माण किसी वैकल्पिक भूमि या अन्य उपयुक्त स्थान पर किया जाए। उनका यह भी कहना है कि रांची में पहले से कई बड़े संस्थान मौजूद हैं, लेकिन स्थानीय लोगों को रोजगार में अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल पाई है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि परियोजना से जुड़े सभी पक्षों पर स्थानीय लोगों के साथ संवाद किया जाए, भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से संबंधित मुद्दों का समाधान किया जाए तथा प्रभावित परिवारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
















