रांची/गिरिडीह: झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली और प्रतिबंधित संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य मिश्र बेसरा को उसके दो सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया गया है। बुधवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को मीडिया के समक्ष प्रस्तुत करते हुए कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि गिरिडीह और धनबाद जिले की सीमा से लगे जंगल क्षेत्र में मिश्र बेसरा अपने साथियों के साथ किसी बड़ी नक्सली घटना की योजना बना रहा है। सूचना के आधार पर झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने तीनों नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के कब्जे से तीन AK-47 राइफल, 250 से अधिक जिंदा कारतूस तथा अन्य हथियार और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। अधिकारियों ने इसे नक्सली संगठन के खिलाफ बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि इससे संगठन की गतिविधियों को करारा झटका लगा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार नक्सलियों से पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान उनके नेटवर्क, सहयोगियों और भविष्य की योजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा रही हैं, ताकि नक्सल संगठन के पूरे तंत्र पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों ने कहा कि मिश्र बेसरा की गिरफ्तारी केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल जैसे पड़ोसी राज्यों में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को भी कमजोर करेगी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी तथा नक्सल विरोधी अभियानों को नई गति प्राप्त होगी।
















