धनबाद: युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में मेरा युवा भारत (MY Bharat), धनबाद द्वारा विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त समन्वय से “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय सांस्कृतिक एवं नवाचार प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशा एवं मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन बीबीएमकेयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) राम कुमार सिंह ने किया। उन्होंने युवाओं से नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सकारात्मक सोच और सक्रिय भागीदारी बेहद आवश्यक है। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई।
इस दौरान MY Bharat के उपनिदेशक सूर्यकांत कुमार ने युवाओं से अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और समाज के हर वर्ग को इससे जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज ही विकसित भारत की मजबूत नींव बन सकता है।
प्रतियोगिता के तहत फोक सॉन्ग, फोक डांस, नुक्कड़ नाटक, भाषण, स्लैम पोएट्री, स्लोगन लेखन, पेंटिंग और शॉर्ट फिल्म/रील निर्माण सहित कुल आठ विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
निर्णायक मंडल द्वारा घोषित परिणामों के अनुसार जे.के. सिन्हा स्कूल ने फोक डांस, धनबाद म्यूज़िक ग्रुप ने फोक सॉन्ग और एसएसएलएनटी की टीम ने नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं एकल प्रतियोगिताओं में निहारिका श्रीवास्तव (भाषण), शुभम कुमार झा (स्लैम पोएट्री), जया राज महतो (पेंटिंग), सक्षम राजन (स्लोगन लेखन) और वैभव सिन्हा (शॉर्ट फिल्म/रील) विजेता बने।
जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागी अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में धनबाद जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। राज्य स्तर पर चयनित प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में डॉ. डी.के. गिरी, डॉ. ताप्ती चक्रवर्ती, आलोक कुमार (APRO), प्रो. मुकुंद रविदास सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, निर्णायक मंडल के सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन नशामुक्त समाज के निर्माण और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
















