धनबाद: कोयलांचल क्षेत्र में लगातार सामने आ रही सड़क धंसान की घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा और आधारभूत संरचना को लेकर चिंता बढ़ा दी है। केंदुआडीह स्थित धनबाद–बोकारो (पुरानी एनएच-32) मार्ग की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों द्वारा लगभग 30 मीटर गहराई तक वैज्ञानिक जांच की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, आईआईटी (आईएसएम), सीएसआईआर-सीआईएमएफआर, डीजीएमएस और बीसीसीएल के विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से जांच की रूपरेखा तैयार की है। इस दौरान सड़क के नीचे की भू-स्थिति, पुराने खनन क्षेत्र, भूमिगत आग, गैस रिसाव और जमीन की स्थिरता का आकलन किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही सड़क को दोबारा खोलने पर निर्णय लिया जाएगा।
जरूरत पड़ने पर नियंत्रित ब्लास्टिंग भी की जा सकती है। इसके लिए सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए आसपास के क्षेत्र को अस्थायी रूप से खाली कराया जाएगा और पूरे अभियान के दौरान विशेषज्ञ लगातार निगरानी रखेंगे।
वहीं, झरिया–बलियापुर मुख्य मार्ग पर मोहरीबांध के पास धंसी सड़क अभी तक पूरी तरह चालू नहीं हो सकी है। यह सड़क वर्ष 2022 में लगभग 44 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई थी। सड़क धंसने के बाद निर्माण गुणवत्ता और तकनीकी जांच को लेकर स्थानीय लोगों के बीच कई सवाल उठे हैं। लोग जल्द समाधान और जिम्मेदार एजेंसियों से स्पष्ट जवाब की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल संबंधित विभाग और विशेषज्ञ दोनों स्थानों की तकनीकी जांच में जुटे हैं। लोगों को उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद सुरक्षित तरीके से इन महत्वपूर्ण मार्गों को फिर से चालू किया जाएगा।
















