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Dhanbad जल-सुरक्षित धनबाद के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम, ‘कैच द रेन’ अभियान में छात्रों को किया गया जागरूक

JP Bharat Shareधनबाद: भारत सरकार की “कैच द रेन” पहल के तहत सोमवार को जीवन ज्योति स्कूल, धनबाद में “कैच द रेन – बिल्डिंग ए वाटर-सेक्योर धनबाद, टुगेदर” विषय पर संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, शैलो एक्वीफर प्रबंधन और समुदाय आधारित जल प्रबंधन के प्रति…

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धनबाद: भारत सरकार की “कैच द रेन” पहल के तहत सोमवार को जीवन ज्योति स्कूल, धनबाद में “कैच द रेन – बिल्डिंग ए वाटर-सेक्योर धनबाद, टुगेदर” विषय पर संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, शैलो एक्वीफर प्रबंधन और समुदाय आधारित जल प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था।

इस कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन जीवन ज्योति संस्थान, मेघ पाईन अभियान और रोटरी क्लब धनबाद द्वारा किया गया, जबकि धनबाद नगर निगम एवं नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) का सहयोग प्राप्त था। कार्यक्रम में जीवन ज्योति स्कूल, कार्मेल स्कूल और डी नोबिली स्कूल (सीएमआरआई) के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जीवन ज्योति संस्थान के सचिव एवं वरिष्ठ रोटेरियन राजेश पार्केरिया ने कहा कि जल-सुरक्षित धनबाद का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों और समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

मेघ पाईन अभियान के प्रबंध न्यासी एकलव्य प्रसाद ने धनबाद की जल यात्रा और वर्षा जल संचयन की विभिन्न पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि सामुदायिक भागीदारी और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से शहर में जल संकट का प्रभावी समाधान संभव है।

मुख्य अतिथि एवं धनबाद नगर निगम के नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने कहा कि भूजल संरक्षण भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से जल संरक्षण अभियान के सक्रिय दूत बनने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में रोटरी क्लब के वरिष्ठ सदस्यों ने भी शैक्षणिक संस्थानों को स्थानीय जल संरक्षण का केंद्र बनाने और विद्यार्थियों को जल नेतृत्व के लिए तैयार करने पर जोर दिया। वहीं, विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण से अपने क्षेत्रों में हुए सकारात्मक बदलाव के अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम के दौरान यह भी सुझाव दिया गया कि विद्यार्थियों को धनबाद नगर निगम क्षेत्र में संचालित शैलो एक्वीफर मैनेजमेंट (SAM) परियोजनाओं का भ्रमण कराया जाए, ताकि वे जल संरक्षण के सफल मॉडलों को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकें।

कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सरकार, शैक्षणिक संस्थान, समुदाय और नागरिक समाज मिलकर धनबाद को जल-सुरक्षित और जलवायु-सहिष्णु शहर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करेंगे।


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