धनबाद: डिगवाडीह और चासनाला क्षेत्र में लगातार बनी हुई बिजली संकट की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि डिगवाडीह फीडर क्षेत्र में छोटे-छोटे तकनीकी फॉल्ट को भी समय पर ठीक नहीं किया जाता, जिसके कारण घंटों और कई बार पूरी रात बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। उमस भरी गर्मी और अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर लोगों में विभाग के प्रति भारी नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बेहतर बिजली सेवा नहीं मिल रही है। उनका आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बिल वसूली तथा छापेमारी के दौरान तो सक्रिय रहते हैं, लेकिन शिकायत करने पर फोन तक नहीं उठाते और समस्याओं के समाधान में गंभीरता नहीं दिखाते।
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली संकट को लेकर पहले भी विरोध प्रदर्शन किया जा चुका है। कुछ दिन पहले स्थानीय लोगों ने आधी रात सिंदरी-धनबाद मुख्य मार्ग को जाम कर विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया था, लेकिन इसके बावजूद बिजली व्यवस्था में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ।
अब चासनाला से डिगवाडीह तक के नागरिकों ने बिजली विभाग के अभियंता और महाप्रबंधक (जीएम) को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। लोगों का कहना है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया तो सड़क जाम सहित उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी कहा कि लगातार बिजली कटौती के कारण लोगों की नींद पूरी नहीं हो रही है, जिससे वाहन चालकों के लिए सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने मांग की कि विभाग तत्काल फॉल्ट की मरम्मत, नियमित निगरानी और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करे, ताकि लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।
हालांकि, बिजली विभाग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
















