धनबाद/झरिया: झरिया कोयलांचल में भू-धंसान और भूमिगत आग का खतरा एक बार फिर सामने आया है। लिलोरी पथरा के बालूगद्दा इलाके में रविवार को तेज धमाके के साथ अचानक जमीन धंस गई। देखते ही देखते घर के सामने विशाल गोफ बन गया और मकान का आगे का हिस्सा उसमें समा गया।
घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके के कई घरों में दरारें भी आई हैं। राहत की बात रही कि घटना के समय प्रभावित मकान के बाहर लोग मौजूद थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
गोफ बनने के बाद गैस रिसाव की बात भी सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में भूमिगत आग की वजह से स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। घटना के बाद कई परिवार अपने जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाते नजर आए।
घटना से नाराज ग्रामीणों ने BCCL प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। ग्रामीणों की मांग है कि प्रभावित परिवारों को जल्द सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित किया जाए।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में प्रभावित 182 परिवारों के पुनर्वास की मांग लंबे समय से उठ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बेलगड़िया टाउनशिप में पुनर्वास की प्रक्रिया में तेजी लाकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
फिलहाल भू-धंसान की घटना ने एक बार फिर झरिया के अग्निप्रभावित इलाकों में रह रहे लोगों की सुरक्षा और पुनर्वास व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
















