रांची : बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (BAU) के 9वें दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराया। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई।
विरोध कर रहे छात्रों का कहना है कि उन्होंने दीक्षांत समारोह जैसे महत्वपूर्ण अवसर के जरिए कृषि और विज्ञान क्षेत्र में रोजगार से जुड़े मुद्दों को सामने रखने का फैसला किया है। छात्रों ने आरोप लगाया कि राज्य में कृषि क्षेत्र में नियमित नियुक्तियों की प्रक्रिया पर्याप्त गति से नहीं चल रही है।
जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग के पीजी छात्र अभिजीत कुमार ने दावा किया कि वर्ष 2004 से 2026 के बीच कृषि क्षेत्र में नियमित भर्तियां बेहद सीमित रही हैं। उनके अनुसार, लंबे समय में केवल कुछ पदों पर ही नियुक्तियां हुई हैं।
छात्रों ने दावा किया कि विभिन्न जिलों में संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों में सब्जेक्ट मैटर स्पेशलिस्ट, असिस्टेंट प्रोफेसर और फील्ड ओवरसीयर समेत कई पद रिक्त हैं। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में नए लोगों की नियुक्ति के बजाय सेवानिवृत्त कर्मियों को एक्सटेंशन दिया जा रहा है।
छात्रों का कहना है कि कृषि विश्वविद्यालयों से हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री लेकर निकलते हैं, लेकिन उनके लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं बन रहे हैं। छात्रों ने कहा कि वे राज्य में रहकर कृषि और विज्ञान के विकास में योगदान देना चाहते हैं।
छात्रों ने अपने विरोध को शांतिपूर्ण और संवैधानिक बताते हुए सवाल उठाया कि हर वर्ष दीक्षांत समारोह में सैकड़ों विद्यार्थियों को डिग्रियां मिलती हैं, लेकिन उनके लिए नियमित रोजगार के अवसर कितने उपलब्ध हैं।
छात्रों ने कृषि क्षेत्र में नियमित नियुक्तियों और रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाई। हालांकि, छात्रों द्वारा किए गए भर्ती संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
















