धनबाद: जिले में विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल की महत्ता समझाने और जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल के तहत झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय (धनबाद) और उत्क्रमित उच्च विद्यालय (लोयाडीह) के छात्र-छात्राओं ने भेलाटांड़ स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा किया।
जानें कैसे होता है पानी का शुद्धिकरण
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को यह समझने का प्रत्यक्ष अवसर मिला कि नदियों और प्राकृतिक स्रोतों से आने वाले ‘रॉ वाटर’ (कच्चे पानी) को किस तरह तकनीकी प्रक्रियाओं के जरिए सुरक्षित और पीने योग्य बनाया जाता है। प्लांट के विशेषज्ञों ने बच्चों को जल शोधन के प्रमुख चरणों—जैसे जल संचयन, फिल्ट्रेशन (छनाई), क्लोरीनेशन (बैक्टीरिया मुक्त करना) और गुणवत्ता जांच के बारे में विस्तार से समझाया।
जल संरक्षण और जिम्मेदारी का संदेश
इस एक्सपोजर विजिट का मुख्य उद्देश्य छात्रों में पानी की एक-एक बूंद की कीमत समझाना और सतत जल प्रबंधन (Sustainable Water Management) के प्रति जागरूकता लाना है। विशेषज्ञों ने बच्चों को बताया कि घरों तक स्वच्छ पानी पहुंचाने में कितनी मेहनत और तकनीक लगती है, इसलिए इसका अपव्यय रोकना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
















