धनबाद: महालया के पावन अवसर पर शनिवार को धनबाद के विभिन्न जलाशयों और तालाबों पर अपने पूर्वजों को तर्पण देने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शहर के प्रमुख जल स्रोतों जैसे रानी बांध, पंपू तालाब, राजेंद्र सरोवर और खोखन तालाब पर सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान के साथ अपने स्वर्गीय माता-पिता और पूर्वजों को जल अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
विशेष धार्मिक महत्व और मां दुर्गा के आगमन का उल्लास
सनातन धर्म में महालया का विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि पितृपक्ष के समापन और शारदीय नवरात्र यानी मां दुर्गा के धरा पर आगमन से ठीक पहले महालय के दिन पूर्वजों का स्मरण करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दौरान कई लोगों ने पुरोहितों के मंत्रोच्चार के बीच तर्पण किया तो कुछ ने स्वयं ही अपने पितरों को श्रद्धांजलि दी। महालया की सुबह धनबाद में जहां एक ओर पितरों के प्रति अगाध श्रद्धा दिखाई दी, वहीं दूसरी ओर मां दुर्गा के स्वागत को लेकर शहरवासियों में भारी उत्साह और उल्लास का माहौल नजर आया।
















