Dhanbad : धनबाद जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में डीडीसी ने कई प्रखंडों के एमओआईसी (MOIC) के कार्यों पर भारी असंतोष जताते हुए स्पष्ट कहा कि जो अधिकारी अपने काम और सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में रुचि नहीं लेते, वे कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
डीडीसी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा सभी स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, इसके बावजूद इंस्टीट्यूशनल डिलीवरी, एनएसवी (NSV), प्रथम ट्रीमेस्टर जांच सहित कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाओं की उपलब्धि संतोषजनक नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को काम करने का नजरिया बदलने, पूरी लगन से कार्य करने और चुनौतियों का सामना करने की सलाह दी।
बैठक के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र माइक्रो लेवल प्लानिंग के तहत कार्य करे और हर कर्मी की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी साझा करने और निजी अस्पतालों की नियमित जांच कर अनियमितता मिलने पर कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया।
समीक्षा बैठक में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में प्रसव सेवा, कुपोषण उपचार केंद्र, राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम, परिवार नियोजन, ई-संजीवनी, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, एनयूएचएम, मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लिनिक और अटल मोहल्ला क्लीनिक सहित कई योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि सदर अस्पताल में फरवरी माह में 10,748, मार्च में 9,806 और अप्रैल में 12,942 मरीजों का उपचार किया गया। इस प्रकार तीन महीनों में कुल 33,496 लोगों का इलाज किया गया है।
उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देश दिया कि गंभीर स्थिति वाली गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर सदर अस्पताल रेफर किया जाए तथा प्रत्येक माह रेफर लाभार्थियों का डेटा सिविल सर्जन कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि “एनीमिया मुक्त भारत” अभियान में धनबाद जिला पूरे झारखंड में प्रथम स्थान पर है। इसके लिए अब तक 102 कैंप आयोजित किए जा चुके हैं। इसके अलावा फाइलेरिया, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
इस बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा, उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार प्रसाद, डीआरसीएचओ डॉ रोहित गौतम, डीपीएम प्रतिमा कुमारी सहित सभी प्रखंडों के एमओआईसी एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
















