कतरास: BCCL एरिया-3 अंतर्गत बहियारडीह बस्ती के समीप बंद पड़ी ओपन कास्ट परियोजना (ओसीपी) में लंबे समय से संचालित अवैध कोयला उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। CISF, सोनारडीह पुलिस और BCCL प्रबंधन की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर कई अवैध खनन मुहानों को बंद कर दिया।
बताया जाता है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कोयला खनन का कार्य जारी था, जिससे स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल था। खासकर ग्रामीण महिलाओं ने अवैध उत्खनन के कारण संभावित भूधंसान और जान-माल के खतरे को लेकर लगातार विरोध दर्ज कराया था।
कुछ दिनों पूर्व बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं BCCL एरिया-3 महाप्रबंधक कार्यालय पहुंची थीं और गांव को भूधंसान के खतरे से बचाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था। महिलाओं ने आरोप लगाया था कि अवैध खनन के कारण पूरे क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
ग्रामीणों के विरोध और शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए BCCL प्रबंधन, CISF और सोनारडीह पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बनाए गए कई खतरनाक मुहानों की पहचान कर उन्हें डोजरिंग के माध्यम से मिट्टी और मलबे से पूरी तरह भर दिया गया, ताकि दोबारा अवैध उत्खनन शुरू न हो सके।
इस अचानक हुई कार्रवाई से अवैध कोयला कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और BCCL की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए क्षेत्र में लगातार निगरानी और अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन पर सख्ती से रोक लगाना जरूरी है, क्योंकि इससे न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान होता है बल्कि आसपास की बस्तियों के लिए भी बड़ा खतरा उत्पन्न होता है।
















