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धनबाद के कोयलांचल में खतरे की घंटी, लगातार पांचवीं बार भू-धंसान से दहशत

JP Bharat Shareकतरास | संवाददाता धनबाद के कोयलांचल क्षेत्र में भू-धंसान की घटनाएं लगातार चिंता का कारण बनती जा रही हैं। बुधवार देर रात कतरास के सोनारडीह ओपी क्षेत्र अंतर्गत टांडा बारी स्थित कर्मकार टोला में एक बार फिर जमीन धंसने की घटना सामने आई। यह इलाके में लगातार पांचवीं भू-धंसान की घटना है, जिससे…

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कतरास | संवाददाता

धनबाद के कोयलांचल क्षेत्र में भू-धंसान की घटनाएं लगातार चिंता का कारण बनती जा रही हैं। बुधवार देर रात कतरास के सोनारडीह ओपी क्षेत्र अंतर्गत टांडा बारी स्थित कर्मकार टोला में एक बार फिर जमीन धंसने की घटना सामने आई। यह इलाके में लगातार पांचवीं भू-धंसान की घटना है, जिससे स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है।

जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात करीब 2:10 बजे अचानक जमीन का एक हिस्सा धंस गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि धंसान स्थल के आसपास बड़ी संख्या में मकान मौजूद हैं। ऐसे में लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में पहले भी कई बार भू-धंसान की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान के लिए कोई प्रभावी पहल नहीं की गई है। घटना के बाद लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से तत्काल जांच कराने तथा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने की मांग की है।

स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि भू-धंसान के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक तरीके से पता लगाया जाए और प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही संवेदनशील इलाकों का सर्वे कर संभावित खतरे वाले क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।

लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं ने एक बार फिर कोयलांचल क्षेत्र में भूमिगत खनन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


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