धनबाद: बीसीसीएल सिजुआ क्षेत्र अंतर्गत कनकनी में संचालित आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा किए जा रहे ओबी (ओवरबर्डन) डंपिंग और एकरा जोरिया क्षेत्र में प्रस्तावित निर्माण कार्य के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश शुक्रवार को सड़क पर देखने को मिला। एकड़ा गोपालीचक के ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर धनबाद के मेयर संजीव सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना।
निरीक्षण के दौरान मेयर संजीव सिंह ने बीसीसीएल अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि स्थानीय लोगों की सहमति और पर्यावरणीय प्रभावों का उचित आकलन किए बिना किसी भी प्रकार की परियोजना को आगे बढ़ाना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की भावनाओं और क्षेत्र के पर्यावरण के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मेयर ने कहा कि एकरा जोरिया क्षेत्र हजारों ग्रामीणों की जीवनरेखा है और यह प्राकृतिक जलस्रोत स्थानीय पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस आधार पर यहां पुल निर्माण और ओबी डंपिंग की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को नजरअंदाज कर कोई भी परियोजना लागू नहीं होने दी जाएगी।
उन्होंने कहा, “ग्रामीणों की जमीन, जलस्रोत और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन और बीसीसीएल को संवेदनशीलता दिखानी होगी। यदि जनहित की अनदेखी कर जबरन कार्य किया गया तो व्यापक जनआंदोलन खड़ा होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।”
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने मेयर को बताया कि आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा लगातार किए जा रहे ओबी डंपिंग से क्षेत्र की कृषि भूमि, पर्यावरण और जलस्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि प्रस्तावित कार्यों को नहीं रोका गया तो आने वाले समय में आसपास के कई गांव गंभीर पर्यावरणीय और सामाजिक समस्याओं का सामना कर सकते हैं।
ग्रामीणों की शिकायतों को सुनने के बाद मेयर संजीव सिंह ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और चिंताओं को संबंधित अधिकारियों तथा उच्च स्तर तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनहित के खिलाफ किसी भी निर्णय का पुरजोर विरोध किया जाएगा और क्षेत्रवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
इस दौरान एकड़ा गोपालीचक सहित आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में क्षेत्र की समस्याओं के समाधान और पर्यावरण संरक्षण की मांग उठाई।
















