धनबाद: कोयला क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। कोयला खान भविष्य निधि संगठन (सीएमपीएफ) ने ऐसी नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है, जिसके तहत कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दिन ही पीएफ और पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा। इस पहल का उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद भुगतान में होने वाली देरी को खत्म करना और कर्मचारियों को समय पर उनका हक दिलाना है।
नई व्यवस्था के अनुसार, किसी भी कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने से लगभग 12 महीने पहले उसके पीएफ और पेंशन से जुड़े सभी रिकॉर्ड की जांच और सत्यापन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसमें सेवा विवरण, अंशदान रिकॉर्ड, नामांकन, पारिवारिक जानकारी और पेंशन पात्रता जैसे दस्तावेजों की समीक्षा की जाएगी। यदि कोई त्रुटि पाई जाती है तो उसे समय रहते सुधार लिया जाएगा।
अधिकारियों का मानना है कि कोयला उद्योग में कर्मचारियों का विभिन्न परियोजनाओं और क्षेत्रों में स्थानांतरण होता रहता है। ऐसे में रिकॉर्ड मिलान और दस्तावेजों के सत्यापन में समय लगने के कारण कई बार भुगतान में देरी हो जाती है। नई प्रक्रिया लागू होने के बाद इन समस्याओं को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।
सीएमपीएफ के इस कदम से हर वर्ष सेवानिवृत्त होने वाले हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही देशभर में कोयला क्षेत्र से जुड़े लाखों कर्मियों के लिए पीएफ और पेंशन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल बनने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रिकॉर्ड के अग्रिम सत्यापन और डिजिटल निगरानी व्यवस्था से न केवल भुगतान प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि कर्मचारियों का भरोसा भी और मजबूत होगा। इससे रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।
















