धनबाद/पूर्वी टुंडी: धनबाद जिले के पूर्वी टुंडी प्रखंड में किसानों की आय बढ़ाने और खेतों को बंजर होने से बचाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा ‘खेत बचाओ अभियान’ अब गति पकड़ने लगा है। इसी क्रम में मंगलवार को रूपन पंचायत सचिवालय में किसान चौपाल सह कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. अभिषेक मिश्रा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि 1 जून से 30 जून तक चलने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना है।
उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से बचने तथा जैविक खेती को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और खेतों को लंबे समय तक उत्पादक बनाए रखने के लिए संतुलित खेती और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आवश्यक है।
इस अवसर पर प्रखंड तकनीकी प्रबंधक अनिल प्रसाद निराला ने बताया कि खेत बचाओ अभियान के तहत कृषि विभाग के अधिकारी अब कार्यालयों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सीधे गांवों में पहुंचकर चौपाल के माध्यम से किसानों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों को उन्नत बीज, सॉइल हेल्थ कार्ड, सरकारी योजनाओं एवं कृषि अनुदान का लाभ आसानी से मिले, इसके लिए प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। साथ ही किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों की भी जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रम में महिला एवं पुरुष किसानों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों से अपनी समस्याएं साझा कीं और विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि खेत बचाओ अभियान से क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कृषि विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह अभियान पूर्वी टुंडी के किसानों के लिए भविष्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव का आधार बनेगा।
















