झरिया, धनबाद: कोयलांचल के प्रख्यात श्रमिक नेता, पूर्व विधायक एवं मजदूरों के अधिकारों की बुलंद आवाज रहे Surya Dev Singh की 35वीं पुण्यतिथि सोमवार को श्रद्धा, सम्मान और जनसेवा के संकल्प के साथ मनाई गई। झरिया के कतरास मोड़ स्थित सिंह मेंशन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में हजारों लोगों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
पुण्यतिथि समारोह के तहत अखंड कीर्तन, श्रद्धांजलि सभा, रक्तदान शिविर और स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वर्गीय सूर्यदेव सिंह की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा।
इस अवसर पर झरिया विधायक Ragini Singh के सौजन्य से नौ दिव्यांगजनों के बीच स्कूटी का वितरण किया गया। स्कूटी पाकर लाभुकों ने खुशी जाहिर करते हुए इसे उनके जीवन को आसान बनाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। वितरण कार्यक्रम में पूर्व विधायक Kunti Devi भी मौजूद रहीं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, मजदूर संगठन के सदस्य और आम नागरिक शामिल हुए। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में धनबाद के मेयर Sanjeev Singh, सिद्धार्थ गौतम, किरण सिंह, ज्योति सिंह, मिनी गौतम तथा सिंह परिवार के सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
समारोह में पूर्व सांसद Pashupati Nath Singh, पूर्व विधायक Biranchi Narayan, पूर्व सांसद Ravindra Nath Pandey, पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक Randhir Singh, धनबाद विधायक Raj Sinha, जिला परिषद अध्यक्ष Sharda Singh सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि स्वर्गीय सूर्यदेव सिंह के प्रति लोगों का सम्मान और स्नेह आज भी बरकरार है। उन्होंने कहा कि तीन दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जनता उन्हें नहीं भूली है, जो उनके संघर्ष और जनसेवा का प्रमाण है।
मेयर संजीव सिंह ने कहा कि सूर्यदेव सिंह ने अपना जीवन मजदूरों और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया था। वहीं विधायक राज सिन्हा ने कहा कि श्रमिक हितों और सामाजिक न्याय के लिए उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
वक्ताओं ने सूर्यदेव सिंह के राजनीतिक, सामाजिक और श्रमिक आंदोलनों में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें कोयलांचल का एक युगपुरुष बताया। दिनभर चले कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
















