धनबाद: राज्य में सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य प्रथाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से nestle.in� ने Food Safety Department Jharkhand और National Association of Street Vendors of India के सहयोग से ‘सर्व सेफ फूड’ परियोजना का विस्तार करने की घोषणा की है। इस पहल के तहत रांची, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग और जमशेदपुर में 1,000 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
परियोजना के विस्तार के बाद झारखंड में प्रशिक्षित स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की संख्या 5,600 से अधिक हो जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विक्रेताओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षित खाद्य प्रबंधन, कचरा निपटान और उद्यमिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की जाएंगी, ताकि वे ग्राहकों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध करा सकें और अपने व्यवसाय को बेहतर ढंग से संचालित कर सकें।
कार्यक्रम में Dr. Amarendra Prasad ने कहा कि स्ट्रीट फूड भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसकी गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने इस पहल के लिए सभी सहयोगी संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम राज्य में सुरक्षित खाद्य प्रथाओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
वहीं Kunwar Himmat Singh ने कहा कि नेस्ले इंडिया केवल उत्पाद निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में खाद्य सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। ‘सर्व सेफ फूड’ परियोजना के माध्यम से स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उनके कौशल और जागरूकता को मजबूत किया जा रहा है।
गौरतलब है कि नेस्ले इंडिया ने वर्ष 2016 में इस परियोजना की शुरुआत की थी। तब से अब तक देश के 27 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में 1.20 लाख से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इस पहल का उद्देश्य सुरक्षित खाद्य संस्कृति को बढ़ावा देना और छोटे खाद्य व्यवसायियों को सशक्त बनाना है।
















