जमशेदपुर: गंडा समाज के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को झारखंड में गंडा जाति को अनुसूचित जाति (एससी) की सूची में शामिल करने की मांग को लेकर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया। समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को रखा। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष सदस्य मौजूद रहे।
समाज की ओर से Naresh Kumar Tandiya ने कहा कि गंडा जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। उन्होंने बताया कि झारखंड के विभिन्न जिलों में लगभग डेढ़ लाख गंडा समाज के लोग निवास करते हैं, जिनमें कई परिवार टाटा कंपनी की स्थापना के शुरुआती दौर से यहां बसे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि Odisha, Madhya Pradesh, Chhattisgarh और Maharashtra में गंडा जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त है। ऐसे में झारखंड में भी समाज को समान सुविधा प्रदान की जानी चाहिए।
समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण समाज के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में तथा युवाओं को सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे समाज के विकास और प्रगति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
गंडा समाज ने राज्य सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द गंडा जाति को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो समाज आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे और अपनी मांगों को लेकर एकजुटता का प्रदर्शन किया।
















