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NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा: धनबाद में कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई परीक्षा, जूते-दुपट्टे तक पर रही पाबंदी

JP Bharat Shareधनबाद, 21 जून: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET (UG) 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को धनबाद के सात परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सख्त दिशा-निर्देशों के बीच संपन्न हुई। परीक्षा में लगभग चार हजार अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की बहुस्तरीय जांच की गई, जबकि…

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धनबाद, 21 जून: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET (UG) 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को धनबाद के सात परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सख्त दिशा-निर्देशों के बीच संपन्न हुई। परीक्षा में लगभग चार हजार अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की बहुस्तरीय जांच की गई, जबकि अभिभावकों को केंद्र से 100 मीटर दूर ही रोक दिया गया।

परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू हुई, जबकि अभ्यर्थियों के प्रवेश के लिए निर्धारित समय दोपहर 1:30 बजे तक रखा गया था। सभी केंद्रों पर सुबह से ही छात्रों और अभिभावकों की भीड़ देखने को मिली। अभ्यर्थियों को केंद्र में प्रवेश से पहले आधार कार्ड, आवेदन पत्र और फोटो पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच से गुजरना पड़ा। इसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन के तहत फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैनिंग की प्रक्रिया पूरी की गई।

सुरक्षा जांच के दौरान कई छात्रों को जूते उतारकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना पड़ा। वहीं छात्राओं को दुपट्टा, चेन, लॉकेट सहित अन्य आभूषण बाहर ही जमा कराने के निर्देश दिए गए। परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित ड्रेस कोड और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया गया।

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद, बीबीएमकेयू, बीआईटी सिंदरी, एसएसएलएनटी महिला महाविद्यालय, आरएस मोर कॉलेज गोविंदपुर, डिग्री कॉलेज जामाडोबा तथा केंद्रीय विद्यालय-1 विनोद नगर सहित कुल सात केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई। इनमें सबसे अधिक 960 अभ्यर्थी आईआईटी (आईएसएम) केंद्र पर शामिल हुए।

परीक्षा केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और जिला पुलिस के जवानों की तैनाती की गई थी। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी परीक्षा गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी गई। प्रशासन की ओर से परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे।

परीक्षा के दौरान एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला, जब एक छात्रा घबराहट के कारण परीक्षा केंद्र के बाहर रोने लगी। परिजनों और अधिकारियों द्वारा समझाने के बाद वह परीक्षा देने के लिए अंदर गई। कई अभ्यर्थी परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले अपने माता-पिता का आशीर्वाद लेते भी नजर आए।

नीट के स्कोर के आधार पर अभ्यर्थियों को झारखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस एवं अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश का अवसर मिलेगा। राज्य के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल 730 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं।


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