धनबाद: मानसिक एवं बौद्धिक रूप से दिव्यांग बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उनके हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जीवन ज्योति मानसिक एवं बौद्धिक दिव्यांग विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की मनो न्याय योजना के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा), धनबाद द्वारा किया गया।
यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण निकेश कुमार सिन्हा के निर्देश पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय के दिव्यांग बच्चों, उनके अभिभावकों एवं शिक्षकों को कानूनी अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, संरक्षण, रखरखाव तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अवर न्यायाधीश सह डालसा सचिव मयंक तुषार टोपनो ने कहा कि मानसिक एवं बौद्धिक रूप से दिव्यांग बच्चों को भी समाज में समान अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने कहा कि उनके अधिकारों की रक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न कानूनी प्रावधान तथा सरकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचना आवश्यक है।
इस दौरान बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा के अधिकार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित जानकारी भी साझा की गई। कार्यक्रम में एलएडीसीएस के चीफ कुमार विमलेंदु, सहायक अधिवक्ता स्वाति कुमारी, डालसा के सहायक सौरभ सरकार, राजेश सिंह, चंदन कुमार एवं हेमराज चौहान ने भी उपस्थित लोगों को विभिन्न कानूनी और सामाजिक अधिकारों के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम में जीवन ज्योति विद्यालय की प्राचार्या अपर्णा दास, सचिव राजेश परकेरिया सहित विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में दिव्यांग बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया गया।
















