पटना : बिहार सरकार ने राज्य में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में एक करोड़ नए राशन कार्ड जारी करने का फैसला लिया गया। बैठक में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी भी शामिल हुए और प्रस्ताव पर अपनी सहमति जताई।
लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और प्रभावी बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विशेष अभियान चलाकर पात्र परिवारों के राशन कार्ड जल्द से जल्द बनाए जाएं तथा सभी लाभार्थियों का अद्यतन और सटीक डेटाबेस तैयार किया जाए।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘गरीब कल्याण विद डिग्निटी’ के संकल्प को धरातल पर उतारना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र परिवार खाद्य सुरक्षा योजना के लाभ से वंचित न रहे।
बैठक में राशन वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी, खाद्यान्न गोदामों की गुणवत्ता, सुरक्षा और रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक समय पर और बिना किसी बाधा के खाद्यान्न पहुंचे, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
समीक्षा बैठक के दौरान बिहार की ऑनलाइन सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Online PDS) की भी सराहना की गई। राज्य सरकार का मानना है कि तकनीक के बेहतर उपयोग, पारदर्शी व्यवस्था और डिजिटल निगरानी के माध्यम से खाद्य सुरक्षा योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
सरकार को उम्मीद है कि एक करोड़ नए राशन कार्ड जारी होने के बाद लाखों नए पात्र परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे और राज्य में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत होगी।
















