विश्व : बंगाल की खाड़ी में रोहिंग्या शरणार्थियों को लेकर जा रही दो नावों के लापता होने और डूबने की आशंका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी मानवीय एजेंसियों के अनुसार, इस घटना में बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की आशंका है। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, जबकि मृतकों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि अभी नहीं की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नावों में म्यांमार के रखाइन क्षेत्र और बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों से निकले लोग सवार थे। बेहतर और सुरक्षित जीवन की तलाश में ये लोग समुद्री रास्ते से दूसरे देशों की ओर जा रहे थे। खराब मौसम और समुद्र में प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण दोनों नावों के हादसे का शिकार होने की आशंका जताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों ने बताया कि मानसून के दौरान समुद्री यात्रा बेहद जोखिमपूर्ण होती है। उन्होंने समुद्री मार्ग से पलायन कर रहे शरणार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और खोज एवं बचाव अभियान तेज करने की अपील की है।
फिलहाल संबंधित एजेंसियां लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। इस हादसे ने एक बार फिर विस्थापित लोगों की सुरक्षा और मानवीय सहायता की आवश्यकता को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ा दी है।
















