धनबाद: धनबाद–चंद्रपुरा (डीसी) रेलखंड पर मंगलवार सुबह सोनारडीह हॉल्ट के निकट रेलवे ट्रैक से करीब चार मीटर की दूरी पर भू-धंसान (गोफ) बनने की घटना सामने आई। गश्त के दौरान ट्रैकमैन ने समय रहते स्थिति को देख लिया और तत्काल रेलवे अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद राहत एवं निरीक्षण कार्य शुरू किया गया।
सूचना मिलने पर रेलवे के इंजीनियरिंग एवं संरक्षा विभाग की टीम, बीसीसीएल के अधिकारी तथा राहत दल मौके पर पहुंचे। जेसीबी और अन्य मशीनों की सहायता से कई घंटों तक गोफ की भराई की गई। इसके साथ ही रेलवे ट्रैक का तकनीकी निरीक्षण भी किया गया। प्रारंभिक जांच में ट्रैक सुरक्षित पाया गया, जिसके बाद रेल परिचालन सामान्य रूप से जारी रखा गया।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब हाल ही में इसी रेलखंड के समीप अवैध कोयला खनन से जुड़ी सुरंगों पर कार्रवाई की गई थी। ऐसे में एक बार फिर भू-धंसान की घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और भूमिगत गतिविधियों को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में वैज्ञानिक सर्वेक्षण और नियमित निगरानी की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। वहीं रेलवे अधिकारियों ने बताया कि गोफ बनने के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।
धनबाद–चंद्रपुरा रेलखंड पहले भी भू-धंसान और भूमिगत आग जैसी समस्याओं के कारण प्रभावित हो चुका है। ऐसे में हालिया घटना के बाद इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग की दीर्घकालिक सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
















