Bokaro में 18 वर्षीय युवती के लापता होने का मामला अब एक गंभीर आपराधिक केस में बदल चुका है। पुलिस ने युवती का कंकाल बरामद करने और एक आरोपी की गिरफ्तारी का दावा किया है, वहीं Jharkhand High Court इस पूरे मामले की लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
जुलाई 2025 में युवती के लापता होने के बाद परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। बाद में पुलिस ने कंकाल बरामद कर मामले को सुलझाने का दावा किया। हालांकि, इससे पहले भी वर्ष 2020 में इसी तरह का मामला सामने आया था, जिसमें युवती की हत्या 2021 में हुई थी।
हाईकोर्ट का सख्त रुख
न्यायमूर्ति Sujit Narayan Prasad की खंडपीठ ने इस केस को गंभीरता से लेते हुए 27 फरवरी 2026 से इसकी मॉनिटरिंग शुरू की। कोर्ट ने बोकारो एसपी को कई बार तलब कर जांच की प्रगति पर सवाल उठाए।
कोर्ट ने FIR दर्ज करने में हुई देरी और जांच की धीमी गति पर भी नाराजगी जताई। साथ ही यह भी पूछा गया कि आखिर 10 दिन की देरी क्यों हुई और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई।
CBI जांच की चेतावनी
जांच में लापरवाही को देखते हुए कोर्ट ने यह तक कह दिया कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो मामला Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपा जा सकता है।
पुलिस पर गंभीर आरोप
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि बोकारो पुलिस पर पीड़ित परिवार के एक रिश्तेदार की पिटाई का आरोप है। इस पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए DGP को तलब किया और मामले की रिपोर्ट मांगी।
इसके अलावा, एक अन्य रिश्तेदार को हिरासत में लेने पर भी कोर्ट ने आपत्ति जताई और इसे न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप माना।
जांच में कई सवाल
- संदिग्ध का नार्को टेस्ट बार-बार टालने का आरोप
- FIR दर्ज करने में देरी
- संदिग्ध का पुलिस को चकमा देकर फरार होना
- जांच में पारदर्शिता पर सवाल
⏭️ अगली सुनवाई
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल तय की है और जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।














