धनबाद : प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत धनबाद नगर निगम क्षेत्र के बारामुड़ी में निर्मित 320 आवासों को गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ी सौगात बताया गया था। 18 जुलाई 2025 को झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार द्वारा इसका उद्घाटन एवं गृह प्रवेश कार्यक्रम संपन्न कराया गया था। लेकिन आज इस आवासीय परियोजना में रहने वाले हजारों लोगों को सबसे बुनियादी आवश्यकता—पेयजल—के लिए जूझना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार करीब 320 फ्लैटों में हजारों लोग निवास कर रहे हैं, लेकिन पूरे परिसर में पानी की आपूर्ति प्रतिदिन मात्र एक घंटे के लिए की जाती है। लोगों का कहना है कि इतनी कम अवधि में परिवारों की दैनिक जरूरतें पूरी कर पाना संभव नहीं है। कई बार पानी आने और बंद होने की व्यवस्था भी निवासियों को स्वयं संभालनी पड़ती है, जिससे अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
निवासियों का आरोप है कि एक ओर जिला प्रशासन गर्मी के मौसम में पेयजल व्यवस्था को लेकर लगातार समीक्षा बैठकें कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम की इस महत्वाकांक्षी आवासीय परियोजना में रहने वाले लोग पानी के लिए परेशान हैं। उनका कहना है कि आवास मिलने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं की कमी उनकी परेशानियां बढ़ा रही है।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि पूरे परिसर में कोई वैकल्पिक जल स्रोत उपलब्ध नहीं है। न तो चापाकल की व्यवस्था है और न ही किसी अन्य आपातकालीन जलापूर्ति का इंतजाम। ऐसे में यदि नियमित जलापूर्ति बाधित होती है तो स्थिति और गंभीर हो जाती है।
निवासियों का कहना है कि सरकार ने आवास तो उपलब्ध करा दिया, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने धनबाद नगर निगम और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर नियमित एवं पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन करने या आवास छोड़ने जैसे कठोर कदम उठाने पड़ सकते हैं।
















