IIT (ISM) धनबाद और IKN Innovation Foundation के बीच समझौता, स्टार्टअप्स को मिलेगा बड़ा सहयोग
HIGHLIGHTS
- IIT (ISM) धनबाद की नई पहल
- स्टार्टअप और इनोवेशन को मिलेगा बढ़ावा
- क्या है CIIE IIT (ISM) धनबाद
- IKN Innovation Foundation की भूमिका
- स्टार्टअप्स को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी
- प्रो. आलोक कुमार दास ने क्या कहा
- पूर्वी भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा लाभ
IIT (ISM) धनबाद ने स्टार्टअप्स के लिए बढ़ाया कदम
Indian Institute of Technology (ISM) Dhanbad ने पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में अहम पहल की है।
संस्थान के सेंटर फॉर इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (CIIE) ने IKN Innovation Foundation के साथ रणनीतिक को-इनक्यूबेशन एग्रीमेंट किया है।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप विकास को बढ़ावा देना है।
CIIE IIT (ISM) क्या करता है
CIIE, IIT (ISM) धनबाद का समर्पित इनोवेशन और बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर है।
यह केंद्र छात्रों, शिक्षकों और शुरुआती उद्यमियों को उनके तकनीकी विचारों को सफल और व्यावसायिक रूप से व्यवहारिक स्टार्टअप में बदलने के लिए मार्गदर्शन, मेंटरशिप और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराता है।
IKN Innovation Foundation की क्या है भूमिका
International Management Institute Kolkata से जुड़ा IKN Innovation Foundation स्टार्टअप इनक्यूबेशन और उद्यमिता प्रोत्साहन केंद्र के रूप में कार्य करता है।
यह एक सेक्शन 8 कंपनी है, जो इनोवेटिव स्टार्टअप्स, MSME और स्वयं सहायता समूहों (SHG) को इनक्यूबेशन सपोर्ट प्रदान करती है।
स्टार्टअप्स को मिलेंगी ये सुविधाएं
इस समझौते के तहत IKN Innovation Foundation से जुड़े स्टार्टअप्स को IIT (ISM) धनबाद में कई तकनीकी सुविधाएं मिलेंगी।
IIT (ISM) की ओर से मिलने वाली सुविधाएं
- तकनीकी मेंटरशिप
- रिसर्च गाइडेंस
- लैब टेस्टिंग सुविधाएं
IKN Innovation Foundation की ओर से मिलने वाला सहयोग
- बिजनेस मेंटरशिप
- इंडस्ट्री नेटवर्किंग
- मार्केट एक्सेस
- फंडिंग के अवसर
प्रो. आलोक कुमार दास ने क्या कहा
Alok Kumar Das ने कहा कि यह साझेदारी पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि IIT (ISM) की तकनीकी विशेषज्ञता और IKN की बिजनेस क्षमताओं के मेल से स्टार्टअप्स को बेहतर सहयोग मिलेगा और उनके इनोवेटिव आइडियाज को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
नवाचार और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
प्रो. आलोक कुमार दास के अनुसार इस तरह की साझेदारियां नवाचार आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने और समाज व अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव डालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इस पहल से पूर्वी भारत के युवा उद्यमियों और स्टार्टअप्स को नई दिशा और बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
ये भी पढ़ें:-सिंदरी में प्रतिभा सम्मान समारोह, मेधावी छात्र-छात्राएं हुए सम्मानित














