धनबाद: झरिया निवासी अधिवक्ता मोहम्मद जावेद की हत्या की कथित साजिश की जांच में पुलिस को पुराने आपराधिक मामलों से जुड़े कुछ कनेक्शन मिलने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, भूली इलाके से हथियार के साथ गिरफ्तार आसिफ आलम से पूछताछ में रामगढ़ जेल में बंद एक अपराधी के संपर्क की जानकारी मिली है। अब पुलिस इस संपर्क और अधिवक्ता जावेद को निशाना बनाने की कथित साजिश के बीच संबंधों की जांच कर रही है। �
2022 के मुथूट फाइनेंस कांड की भी चर्चा
दिसंबर 2022 में धनबाद के बैंक मोड़ इलाके में मुथूट फाइनेंस कार्यालय में डकैती के प्रयास की घटना हुई थी। उस दौरान पुलिस कार्रवाई और मुठभेड़ में एक अपराधी के मारे जाने तथा कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी की बात सामने आई थी।
अब अधिवक्ता जावेद की हत्या की कथित साजिश में जेल में बंद अपराधी से आसिफ के संपर्क की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस पुराने आपराधिक नेटवर्क और संभावित संबंधों की भी पड़ताल कर रही है। हालांकि, दोनों मामलों के बीच सीधा संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच का विषय है।
भूली में हथियार के साथ पकड़ा गया था आसिफ
12 सितंबर की देर रात पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ युवक भूली इलाके में किसी आपराधिक वारदात की तैयारी में जुटे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर कार्रवाई की। दो बाइक से पहुंचे चार युवकों में से तीन अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जबकि आसिफ आलम को पुलिस ने पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान उसके पास से देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में अधिवक्ता जावेद को निशाना बनाने की कथित साजिश की जानकारी सामने आई। मामले में फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पुराने आपराधिक नेटवर्क की भी पड़ताल
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रामगढ़ जेल में बंद बताए जा रहे अपराधी की इस कथित साजिश में क्या भूमिका थी और क्या इसका 2022 के मुथूट फाइनेंस मामले से कोई वास्तविक संबंध है। फिलहाल यह कनेक्शन जांच का हिस्सा है और अंतिम निष्कर्ष पुलिस की आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
















