धनबाद: मुकुंदा ओपन कास्ट परियोजना से प्रभावित MOCP-16 मौजा के ग्रामीणों और रैयतों की पांच सूत्री मांगों को लेकर गुरुवार को बैलगड़िया टाउनशिप स्थित जेरेडा सभागार में BCCL अधिकारियों के साथ वार्ता हुई। काफी देर तक चली बैठक के बावजूद मांगों पर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद नाराज ग्रामीण बैठक से बाहर निकल गए।
रैयतों ने अधिकारियों को मांग पत्र सौंपते हुए वर्तमान सरकारी दर से चार गुना मुआवजा, प्रभावित रैयतों को स्थायी नियोजन, गांव का सर्वांगीण विकास, विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए उपयुक्त जमीन और जेरेडा के कार्यों के साथ प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में मूल रैयतों की भागीदारी की मांग रखी।
ग्रामीणों का कहना है कि कोयला परियोजना के कारण उनकी कृषि भूमि, आवास और आजीविका प्रभावित हो रही है। ऐसे में परियोजना का काम आगे बढ़ाने से पहले मुआवजा, नियोजन और पुनर्वास समेत सभी मांगों का समाधान किया जाना चाहिए।
मुखिया मनोज सिंह ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन द्वारा जबरन जमीन पर जेसीबी चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जबरन काम नहीं होने देंगे और पहले उनकी मांगों पर बातचीत कर समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी किए बिना काम शुरू किया गया तो ग्रामीण लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे।
ग्रामीणों ने भी कहा कि वे अपने हक और अधिकार की मांग से पीछे नहीं हटेंगे। बैठक में गौतम सिंह, मनोहर सिंह, अतुल सिंह, विकास चौधरी, अनिल मंडल, अशोक सिंह, श्याम सिंह, रघुनंदन सिंह, श्रीनाथ सिंह, जेठू महतो समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
















