रांची : Jharkhand High Court ने जाति प्रमाण पत्र को कंसीडर नहीं किए जाने से जुड़े मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए डॉ. Nootan Indwar समेत 22 प्रार्थियों की अपील खारिज कर दी है।
मुख्य न्यायाधीश M. S. Sonak और न्यायमूर्ति Rajesh Shankar की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।
यह मामला Jharkhand Staff Selection Commission और Jharkhand Public Service Commission के उन विज्ञापनों से जुड़ा था, जिनमें अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि के भीतर तय प्रारूप में जाति प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य किया गया था।
सुनवाई के दौरान आयोग की ओर से अधिवक्ता Sanjay Piprawal ने पक्ष रखा, जबकि प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता Amritansh Vats ने पैरवी की।
मामले में कई अभ्यर्थियों ने कट-ऑफ डेट के बाद जाति प्रमाण पत्र जमा किया था या निर्धारित फॉर्मेट का पालन नहीं किया था। इसके बाद आयोग ने उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी और उन्हें आरक्षित वर्ग से सामान्य वर्ग में शिफ्ट कर दिया था।
इसी फैसले को चुनौती देते हुए प्रार्थियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, लेकिन अदालत ने आयोग के निर्णय को सही ठहराते हुए सभी अपीलों को खारिज कर दिया।














