नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित डीडीए उत्सव ग्राउंड में आयोजित दशहरा समारोह में हिस्सा लिया और देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राष्ट्र तभी प्रगति करता है, जब उसमें आत्मसम्मान की भावना हो। देश की सांस्कृतिक विरासत इस भावना को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपनी खोई हुई सांस्कृतिक धरोहर को वापस लाने के लिए प्रयासरत है। उनके अनुसार, पिछले 12 वर्षों में 650 से अधिक प्राचीन मूर्तियां देश वापस लाई गई हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति और विरासत को वैश्विक पहचान मिलने का भी उल्लेख किया।
विजयादशमी को जीत का पर्व बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह त्योहार सत्य और मानवता के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य का जिक्र करते हुए जनकल्याण तथा आम लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने पर जोर दिया।
भगवान श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और नीति का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने गरीबों और वंचितों की सेवा, आत्मनिर्भरता और दृढ़ संकल्प के साथ चुनौतियों का सामना करने का संदेश दिया।
















