देवघर: राजकीय श्रावणी मेला 2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर देवघर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार देर रात उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में बी.एड. कॉलेज परिसर में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी सेवाभाव, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक में जलार्पण व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, पेयजल, आपातकालीन सहायता और सूचना तंत्र को लेकर भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी और सतर्कता बनाए रखी जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल मेला का सफल संचालन नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाला हर श्रद्धालु सुरक्षित, संतुष्ट और सुखद अनुभव के साथ अपने घर लौटे। इसके लिए सभी अधिकारियों और पुलिस बल को चौबीसों घंटे मुस्तैद रहकर कार्य करने की आवश्यकता है।
श्रावणी मेला को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। प्रशासन का विश्वास है कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से इस वर्ष का श्रावणी मेला श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, व्यवस्थित और यादगार साबित होगा।
















