धनबाद/बलियापुर: बलियापुर प्रखंड के बेड़ा नियामतपुर में मौलाना सिराज के घर से कब्रिस्तान तक बनने वाली करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क के शिलान्यास कार्यक्रम से पहले विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो के प्रस्तावित शिलान्यास से पहले शिलापट को लेकर हुए विवाद के बाद मौके पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। इसी दौरान जिला परिषद सदस्य ऊषा महतो के पति आशीष महतो मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने शिलापट को लात मारकर गिरा दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। हालांकि, स्थिति को बाद में संभाल लिया गया।
घटना की जानकारी मिलने पर जिला परिषद सदस्य ऊषा महतो भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण को स्वीकृति दिलाने के लिए उन्होंने कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की थी और लिखित आवेदन भी सौंपा था। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण के शिलान्यास कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया और शिलापट पर उनका नाम भी शामिल नहीं किया गया। उन्होंने इसे जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा बताते हुए नाराजगी जताई।
वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराने के तरीके पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि शिलापट पर नाम को लेकर कोई आपत्ति थी तो संबंधित विभाग या प्रशासन से बातचीत कर समाधान निकाला जा सकता था। सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान इस तरह की घटना से विकास कार्यों का माहौल प्रभावित होता है।
फिलहाल मामला सड़क निर्माण से आगे बढ़कर राजनीतिक श्रेय और सम्मान की बहस का रूप लेता दिखाई दे रहा है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था और न ही आरोपों पर दूसरी ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आई थी।
















