धनबाद: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के एमएसएमई-विकास कार्यालय, धनबाद की ओर से राजकीय आईटीआई, भेलाटांड़ में उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य धनबाद जिले के स्थानीय एवं भावी उद्यमियों को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, वित्तीय सहायता तथा स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी देना था। कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। एमएसएमई-विकास कार्यालय के यंग प्रोफेशनल कुणाल ने स्वागत संबोधन एवं मंच संचालन किया। सहायक निदेशक सुजीत कुमार ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को नौकरी की तलाश के साथ-साथ उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में रोजगार के अवसर सीमित होने के कारण युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर भी कदम बढ़ाना चाहिए। एक सफल उद्यम न केवल व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाता है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करता है।
कार्यक्रम में बैंक ऑफ इंडिया, धनबाद के एलडीएम अमित कुमार ने उद्यम शुरू करने के लिए उपलब्ध विभिन्न ऋण सुविधाओं, आवेदन प्रक्रिया और सब्सिडी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों से बैंक की शाखाओं से संपर्क कर उपलब्ध वित्तीय योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की तथा आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।
नाबार्ड धनबाद की डीडीएम शिवांगी शुभम ने प्रतिभागियों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। वहीं मोरंगा, गोविंदपुर के मुखिया धनंजय गोप ने झारखंड सरकार द्वारा एमएसएमई एवं उद्यमियों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी।
राजकीय आईटीआई भेलाटांड़ के प्राचार्य राकेश कुमार ने युवाओं से सफल उद्यमी बनने के लिए आत्मविश्वास और मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में प्रतिभागियों को एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सहायक निदेशक सुजीत कुमार ने प्रतिभागियों के सवालों का जवाब देते हुए उन्हें उपलब्ध सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को यह संदेश दिया गया कि कौशल प्रशिक्षण के साथ उद्यमिता को अपनाकर युवा स्वयं के लिए रोजगार का अवसर तैयार कर सकते हैं और दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर राकेश कुमार, यूडीसी, एमएसएमई-विकास कार्यालय, धनबाद ने धन्यवाद ज्ञापन किया। अंत में कुणाल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
















