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Dhanbad:पुण्यतिथि पर एक साथ याद किए गए अधिवक्ता पिता-पुत्र

JP Bharat Shareधनबाद: न्यायिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले स्वर्गीय बबन लाल और उनके पुत्र स्वर्गीय असीम कुमार लाल को उनकी पुण्यतिथि पर एक साथ श्रद्धांजलि दी गई। शनिवार को धनबाद कोर्ट परिसर स्थित वरीय अधिवक्ता अरुण कुमार सिंह के सिरिस्ता में दोनों की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया।…

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धनबाद: न्यायिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले स्वर्गीय बबन लाल और उनके पुत्र स्वर्गीय असीम कुमार लाल को उनकी पुण्यतिथि पर एक साथ श्रद्धांजलि दी गई। शनिवार को धनबाद कोर्ट परिसर स्थित वरीय अधिवक्ता अरुण कुमार सिंह के सिरिस्ता में दोनों की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया।

8 अगस्त की तारीख पिता-पुत्र दोनों की स्मृतियों से जुड़ी है। धनबाद बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं वरीय अधिवक्ता बबन लाल की यह आठवीं पुण्यतिथि थी, जबकि उनके ज्येष्ठ पुत्र और धनबाद न्यायालय के वरीय अधिवक्ता असीम कुमार लाल की पहली पुण्यतिथि मनाई गई।

श्रद्धांजलि सभा में अधिवक्ताओं ने दोनों के न्यायिक योगदान और समाज के प्रति उनकी भूमिका को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि बबन लाल ने धनबाद के कानूनी क्षेत्र में जो मजबूत पहचान बनाई, उनके पुत्र असीम लाल ने उसी विरासत को आगे बढ़ाया।

स्वर्गीय बबन लाल धनबाद के कानूनी जगत की प्रमुख हस्तियों में शामिल रहे। वे लंबे समय तक धनबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे और उन्हें झारखंड में वरीय अधिवक्ता का दर्जा प्राप्त था। फौजदारी, संवैधानिक एवं श्रम कानून से जुड़े मामलों में उनकी विशेष पकड़ थी। उन्होंने निचली अदालतों से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मामलों की पैरवी की। उनके सहयोगी रहे वरीय अधिवक्ता अरुण कुमार सिंह ने उन्हें निर्भीक, संघर्षशील और आम लोगों के पक्ष में मजबूती से खड़े रहने वाला अधिवक्ता बताया।

वहीं, असीम कुमार लाल ने भी अपने पिता की न्यायिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए धनबाद के अधिवक्ता समुदाय में अपनी अलग पहचान बनाई। उनका सहज व्यवहार और अदालत में प्रभावी ढंग से पक्ष रखने की शैली उनकी विशेष पहचान थी। कैंसर से जूझने के बाद पिछले वर्ष 8 अगस्त को उनका निधन हो गया था।

पिता-पुत्र के निधन की तारीख का संयोग भी बेहद मार्मिक है। जिस 8 अगस्त को बबन लाल का निधन हुआ था, उसी तारीख को उनके पुत्र असीम कुमार लाल ने भी अंतिम सांस ली।

कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने कहा कि दोनों का निधन धनबाद के न्यायिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी सादगी, न्याय के प्रति प्रतिबद्धता और सहकर्मियों के साथ आत्मीय व्यवहार को हमेशा याद किया जाएगा।

कार्यक्रम में वरीय अधिवक्ता अरुण कुमार सिंह, राजू रंजन प्रसाद, अखौरी धनंजय सिन्हा, किशोर कुमार, बीपी सिन्हा, दुर्गेश कुमार रंजन, अनिल त्रिवेदी, निर्मल कुमार रवानी, पी.के. घोषाल, प्रशांत दयाल, शर्मिष्ठा, प्रभाकर प्रसाद, उदय भट्ट, जलाल अंसारी, सुरेश निषाद, अरविंद द्विवेदी, अधिवक्ता लिपिक संघ के अध्यक्ष सरजू यादव, अजय कुमार श्रीवास्तव, रंजीत गुप्ता सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, अधिवक्ता लिपिक एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


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