निरसा। पश्चिम बंगाल से झारखंड और बिहार के रास्ते प्रतिबंधित मांगुर मछली के कथित अवैध परिवहन का मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर जांच की मांग उठने लगी है। वायरल तस्वीरों में एक वाहन के जरिए मछली ले जाने के संकेत दिखाई दे रहे हैं, जिसके बाद मांगुर मछली की कथित तस्करी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ वाहनों के माध्यम से बंगाल से मांगुर मछली झारखंड, बिहार समेत अन्य राज्यों तक पहुंचाई जा रही है। लोगों का दावा है कि मैथन टोल प्लाजा से पहले कथित तौर पर फर्जी या जाली चालान तैयार कर वाहनों को आगे भेजा जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मामले में कुछ स्थानीय लोगों ने मैथन पुलिस की कथित मिलीभगत का आरोप भी लगाया है। हालांकि, पुलिस की भूमिका से जुड़े इन आरोपों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि प्रतिबंधित मांगुर मछली के परिवहन, बिक्री और संभावित तस्करी के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही संदिग्ध वाहनों की जांच कर मछली के स्रोत और गंतव्य की जानकारी जुटाने की मांग की गई है।
लोगों का कहना है कि यदि जांच में प्रतिबंधित मछली के अवैध परिवहन या फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल मामला आरोपों और वायरल तस्वीरों तक सीमित है। पुलिस एवं संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही कथित तस्करी की वास्तविकता स्पष्ट हो पाएगी।
















