धनबाद: वित्तीय साइबर अपराध पर रोक लगाने के लिए धनबाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई और जागरूकता अभियान को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में समाहरणालय स्थित पुलिस सभागार में ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब की अध्यक्षता में सिंदरी अंचल के 43 सरकारी और निजी बैंकों के प्रबंधकों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पुलिस अधिकारियों ने बैंकिंग सिस्टम के जरिए होने वाले साइबर अपराध को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। अधिकारियों ने बैंकों से म्यूल बैंक खातों की पहचान करने और संदिग्ध बड़े वित्तीय लेनदेन की जानकारी तत्काल पुलिस को देने को कहा।
संदिग्ध बैंक खातों पर विशेष निगरानी
पुलिस ने नए खोले जाने वाले बैंक खातों की नियमित निगरानी करने और आवश्यकता पड़ने पर उनका फिजिकल वेरिफिकेशन कराने पर जोर दिया। इसके अलावा ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से जुड़े संदिग्ध बैंक खातों पर भी विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बैंक अधिकारियों से साइबर अपराध से जुड़े संदिग्ध लेनदेन की जानकारी समय पर पुलिस के साथ साझा करने की अपील की गई। साथ ही साइबर अपराध की रोकथाम के लिए बैंक और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
बैंकिंग सिस्टम के दुरुपयोग पर रोक लगाने की तैयारी
पुलिस का उद्देश्य बैंक खातों के माध्यम से होने वाले वित्तीय साइबर अपराध पर प्रभावी तरीके से रोक लगाना है। अधिकारियों ने कहा कि संदिग्ध खातों और लेनदेन की समय पर पहचान होने से साइबर ठगी के मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा सकती है।
धनबाद पुलिस की इस पहल का लक्ष्य बैंकिंग प्रणाली के दुरुपयोग को रोकने के साथ-साथ आम लोगों को वित्तीय साइबर अपराध से सुरक्षित रखना है।
धनबाद पुलिस का संदेश साफ है—सतर्क बैंकिंग व्यवस्था और मजबूत पुलिस-बैंक समन्वय के जरिए साइबर अपराध पर प्रभावी शिकंजा कसा जाएगा।
















