बिहार: सीमांचल क्षेत्र में सिंचाई और जल प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में कोसी-मेची अंतःराज्यीय रिवर लिंक परियोजना को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना के तहत कोसी नदी के अतिरिक्त जल को लिंक नहर के जरिए मेची नदी तक पहुंचाने की योजना है।
सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड अंतर्गत चैनपुर गांव में निर्माणाधीन परियोजना स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों से कार्य की प्रगति और आगे की कार्ययोजना की जानकारी ली गई। इस दौरान निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
6,282 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना
जानकारी के अनुसार, परियोजना की अनुमानित लागत करीब 6,282.32 करोड़ रुपये है। इसे मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
परियोजना के पूरा होने के बाद कोसी नदी के अतिरिक्त जल का उपयोग सिंचाई के लिए किया जा सकेगा। इसके लिए विशेष लिंक नहर के माध्यम से पानी को मेची नदी तक पहुंचाने की योजना है।
2.14 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को लाभ
इस परियोजना से अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार जिलों की करीब 2,14,813 हेक्टेयर कृषि भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है।
परियोजना से किसानों को सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ने के साथ कृषि उत्पादन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। साथ ही क्षेत्र में जल प्रबंधन को बेहतर बनाने और अतिरिक्त जल के उपयोग की दिशा में भी इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
परियोजना के समय पर और गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके पूरा होने के बाद सीमांचल के कृषि क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
















