धनबाद: जिला परिषद धनबाद की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और ग्रामीण विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से वित्तीय एवं प्रशासनिक सुधारों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। धनबाद समाहरणालय सभागार में ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से झारखंड वित्त आयोग के अध्यक्ष के साथ हुई बैठक में जिला परिषद की आय बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने जिला परिषद के लिए स्थायी और अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिला परिषद की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।
बैठक के दौरान जिला परिषद की खाली और उपलब्ध जमीन का व्यावसायिक उपयोग करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इसके तहत आधुनिक दुकानों का निर्माण कर राजस्व बढ़ाने की योजना पर चर्चा हुई। इससे जिला परिषद की आय बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
इसके अलावा बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सामाजिक आयोजनों और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों के लिए मिनी टाउन हॉल निर्माण की मांग भी वित्त आयोग के समक्ष रखी गई।
जिला परिषद के कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने के लिए धनबाद में स्वतंत्र मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) की नियुक्ति की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। जिला परिषद का मानना है कि स्वतंत्र प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति से योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की निगरानी में तेजी आएगी।
वित्त आयोग के अध्यक्ष ने जिला परिषद की ओर से रखी गई मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए राज्य सरकार के स्तर पर आवश्यक पहल किए जाने की बात कही।
बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह के अलावा विभिन्न प्रखंडों के प्रमुख और उप विकास आयुक्त समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
शारदा सिंह ने कहा कि जिला परिषद को आर्थिक और प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाकर आत्मनिर्भर करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मजबूत जिला परिषद के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति दी जा सकती है।
















