धनबाद: जिले में चल रही होमगार्ड बहाली प्रक्रिया के तहत चयनित अभ्यर्थियों के मेडिकल जांच और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का काम जारी है। गुरुवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने सत्यापन केंद्र का औचक निरीक्षण कर प्रक्रिया का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से की जाए। सत्यापन कार्य के लिए जिला प्रशासन की ओर से चार जांच टीमों का गठन किया गया है। वहीं, अभ्यर्थियों की शारीरिक और चिकित्सकीय जांच के लिए मेडिकल टीम भी मौजूद है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी चयनित अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है। उन्हें आवेदन के दौरान प्रस्तुत किए गए शैक्षणिक, तकनीकी और आवासीय प्रमाण-पत्रों की मूल प्रतियों के साथ स्व-अभिप्रमाणित छायाप्रतियां भी लानी होंगी।
फर्जी दस्तावेज पर FIR की चेतावनी
उपायुक्त आदित्य रंजन ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी अभ्यर्थी द्वारा फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाते हैं या बहाली प्रक्रिया में किसी तरह के अनुचित साधन का इस्तेमाल किया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम, 2023 और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि होमगार्ड भर्ती परीक्षा को जिस पारदर्शिता और शुचिता के साथ कराया गया है, उसी मानक के अनुसार मेडिकल जांच और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
जिला प्रशासन का उद्देश्य सत्यापन प्रक्रिया के बाद केवल योग्य और पात्र अभ्यर्थियों का अंतिम चयन सुनिश्चित करना है।
















