देवघर: राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को खिजुरिया से कलकतिया धर्मशाला होते हुए रिखिया क्षेत्र तक व्यापक जांच अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान होटल, भोजनालय, किराना दुकान और ठेला-खोमचा सहित करीब 40 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जांच में मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए करीब 33 किलो खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट कराया गया।
खिजुरिया क्षेत्र में 28 प्रतिष्ठानों की जांच
खिजुरिया से कलकतिया धर्मशाला क्षेत्र में कुल 28 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में मिलावटी हल्दी पाए जाने पर उसे नष्ट कराया गया। वहीं एक होटल से एक किलो पकौड़ा और एक भोजनालय से 10 किलो रसगुल्ला मानक के अनुरूप नहीं पाए जाने पर नष्ट कराया गया।
खाद्य कारोबारियों को प्रतिष्ठानों में रेट चार्ट लगाने और निर्धारित दर पर ही खाद्य सामग्री बेचने का निर्देश भी दिया गया।
रिखिया में भी जांच, कई खाद्य पदार्थ नष्ट
रिखिया क्षेत्र में 12 होटल, भोजनालय और ठेला-खोमचा की जांच की गई। जांच के दौरान अखाद्य रंग मिले घुंघनी, पकौड़ा, लड्डू, सब्जी और छोला सहित विभिन्न खाद्य सामग्री को नष्ट कराया गया।
विभाग की टीम ने कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने, स्वच्छता का ध्यान रखने और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए।
मिलावट पर आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि श्रावणी मेले के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। मिलावटी खाद्य पदार्थ, अखाद्य रंगों का इस्तेमाल या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना तथा खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी रोक लगाना है।
















