झरिया : बीसीसीएल के पाथरडीह कोल वाशरी में 20 अगस्त को वेल्डिंग मशीन फटने से गंभीर रूप से घायल हुए मजदूर दिलीप यादव (40) की इलाज के दौरान मौत हो गई। सोमवार को बोकारो बीजीएच में उन्होंने अंतिम सांस ली। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव सुदामडीह रिवर साइड स्थित सुभाष चौक लाया गया। शव पहुंचते ही परिजनों के रोने से माहौल गमगीन हो गया।
दिलीप की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने मुआवजा एवं नियोजन की मांग को लेकर पाथरडीह एसीबी प्लांट का घेराव किया। वहीं, मिवान वाशरी के मुख्य गेट पर भी प्रदर्शन करते हुए आवागमन बाधित किया गया। आंदोलन के कारण प्लांट और साइडिंग का काम प्रभावित रहा।
सूचना मिलने पर झरिया विधायक रागिनी सिंह मौके पर पहुंचीं और परिजनों व ग्रामीणों से बातचीत की। उनके हस्तक्षेप के बाद कंपनी प्रबंधन और मृतक के परिजनों के बीच मुआवजा तथा नियोजन को लेकर सहमति बनी।
बताया गया कि समझौते के अनुसार मृतक के परिवार को कंपनी की ओर से 15 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। अंतिम संस्कार के लिए 50 हजार रुपये की सहायता भी दी जाएगी। इसके अलावा मृतक की पत्नी रीना देवी को कंपनी में नियोजन देने पर सहमति बनी है। अगले तीन महीने तक उन्हें कंपनी की ओर से वेतन देने की बात भी तय हुई है।
दिलीप यादव मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के परशुरामपुर गांव के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी रीना देवी और आठ वर्षीय बेटा यश कुमार हैं। उनकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
प्रदर्शन के दौरान रंजीत यादव, अजीत महतो, वीरेंद्र यादव, उमेश यादव, साजन सिंह, अभिषेक पांडेय, सुभाष सिंह और शशिकांत निराला समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
















