भूली: भूली ए ब्लॉक से झारखंड मोड़ तक सड़क किनारे लगे पेड़ों की कटाई को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों के अनुसार कई पेड़ों को जड़ से काट दिया गया है, जबकि कुछ पेड़ों की शाखाएं भी लगातार काटी जा रही हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पेड़ों की कटाई किस विभाग या कंपनी के निर्देश पर की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों की कटाई से भूली की हरियाली और खूबसूरती प्रभावित हो रही है। वहीं, आसपास की कोलियरियों से उड़ने वाली धूल के कारण पहले से ही प्रदूषण की समस्या बनी हुई है। ऐसे में पेड़ों की कटाई को लेकर लोगों ने पर्यावरणीय नुकसान पर चिंता जताई है।
कोयला ढुलाई के रास्ते को लेकर उठ रहे सवाल
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि गोंदूडीह क्षेत्र की आउटसोर्सिंग परियोजना से निकलने वाले हाइवा और कोयला लदे भारी वाहनों के भूली कॉलोनी के रास्ते आवागमन को आसान बनाने के लिए सड़क किनारे पेड़ों की कटाई कराई जा रही है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
लोगों का सवाल है कि यदि भूली श्रमिक कॉलोनी की सड़कों पर भारी वाहनों के परिचालन को लेकर पहले से आपत्ति है, तो उनके आवागमन को आसान बनाने के लिए सड़क पर इस तरह की गतिविधियां क्यों हो रही हैं। इससे पहले भी स्थानीय लोगों ने संकरी सड़कों से गुजरने वाले हाइवा का विरोध किया है।
विधायक और पार्षद कर चुके हैं विरोध
भारी वाहनों के परिचालन को लेकर विधायक राज सिन्हा ने 9 जून को कोयला लदे ट्रकों को रोककर विरोध जताया था। वहीं, वार्ड 15 की पार्षद रेमा सिंह ने भी भूली पुलिस को पत्र देकर क्षेत्र में भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने की मांग की थी।
बीटीए ने पेड़ कटाई से किया इनकार
पेड़ों की कटाई को लेकर बीटीए के उप-प्रबंधक नीरज कुमार ने कहा कि उन्हें भूली में पेड़ काटे जाने की जानकारी नहीं है और बीटीए की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि कभी-कभी ईएनएम विभाग ओवरहेड तारों की सुरक्षा के लिए पेड़ों की कटाई करवाता है।
फिलहाल पेड़ों की कटाई किसके आदेश पर हो रही है और इसका वास्तविक उद्देश्य क्या है, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
















